Coal India Subsidiary Share Price : Coal India Subsidiary कंपनियों की शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। सरकारी कोल दिग्गज Coal India की दो अहम सब्सिडियरी—Bharat Coking Coal Ltd. (BCCL) और Central Mine Planning & Design Institute Ltd. (CMPDIL)—की लिस्टिंग दिसंबर 2025 में होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, DIPAM और कोयला मंत्रालय ने इस डाइवेस्टमेंट प्लान को मंजूरी दे दी है, और अब IPO प्रक्रिया एडवांस स्टेज में है।
सरकार इन दोनों कंपनियों में लगभग 25% तक हिस्सेदारी OFS (Offer for Sale) के जरिए बेचने की योजना बना रही है। इसे 2 से 3 चरणों में पूरा किया जा सकता है ताकि बाजार पर अतिरिक्त सप्लाई का दबाव न पड़े। शुरुआती चरण में Bharat Coking Coal Ltd. में लगभग 10% हिस्सेदारी की बिक्री और CMPDIL में करीब 7.5 करोड़ शेयरों की पेशकश की संभावना है।
Coal India Subsidiary Details
BCCL कोकिंग कोल का खनन और आपूर्ति करती है, जो स्टील उत्पादन में एक महत्वपूर्ण रॉ मटेरियल है। वहीं, CMPDIL कोल इंडिया की माइनिंग प्लानिंग, डिज़ाइन और एक्सप्लोरेशन शाखा है। इन दोनों कंपनियों की लिस्टिंग से निवेशकों को कोल सेक्टर में विविध सेगमेंट्स में निवेश का अवसर मिलेगा—एक ओर स्टील और इंडस्ट्रियल उपयोग से जुड़ा कोकिंग कोल, और दूसरी ओर माइनिंग कंसल्टेंसी और एक्सप्लोरेशन सेवाएं। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन सब्सिडियरी की लिस्टिंग से Coal India के वैल्यू अनलॉकिंग के अवसर बढ़ेंगे और कंपनी की समग्र वैल्यूएशन पर सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
Coal India Q2 Results
Coal India के सितंबर तिमाही (Q2 FY26) के नतीजे जल्द आने वाले हैं। एनालिस्ट्स के अनुसार, कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन मिक्स्ड रह सकता है। सीजनल वीकनेस और मानसूनी प्रभाव के चलते रेवेन्यू पर हल्का दबाव देखने को मिल सकता है। अनुमान के मुताबिक, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल लगभग 2.4% घटकर ₹29,950 करोड़ रह सकता है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹30,672 करोड़ था।
हालांकि, EBITDA में 18% की बढ़त के साथ यह ₹8,445 करोड़ तक पहुंच सकता है और EBITDA मार्जिन 23.3% से बढ़कर 28.2% तक हो सकता है। मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग ₹6,240 करोड़ रहने का अनुमान है, जो पिछले साल ₹6,274 करोड़ था। यानी मुनाफे में हल्की गिरावट संभव है, लेकिन ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत है।
Coal India Subsidiary Analysis
आने वाले हफ्तों में निवेशकों की नजर चार प्रमुख पहलुओं पर रहेगी—E-Auction प्रीमियम, कोल डिस्पैच और प्रोडक्शन ट्रेंड, सब्सिडियरी लिस्टिंग पर गाइडेंस, और कोल प्राइसिंग आउटलुक। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ई-ऑक्शन प्रीमियम में सुधार होता है और प्रोडक्शन ट्रेंड स्थिर रहता है, तो Coal India Subsidiary लिस्टिंग से पहले ही निवेशकों का विश्वास मजबूत हो सकता है।
Coal India Subsidiary Share Price Investment Plan
विश्लेषकों का कहना है कि Coal India Subsidiary की लिस्टिंग से निवेशकों को डायवर्सिफिकेशन का मौका मिलेगा। BCCL जैसी कोकिंग कोल प्रोड्यूसर और CMPDIL जैसी माइनिंग कंसल्टेंसी कंपनियां कोल इंडस्ट्री के अलग-अलग आयामों को कवर करती हैं। दिसंबर में प्रस्तावित इनकी लिस्टिंग भारतीय इक्विटी मार्केट में ऊर्जा और खनन सेक्टर के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी को और बढ़ा सकती है। सरकार के डाइवेस्टमेंट एजेंडा में यह कदम एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है, जो न केवल राजस्व जुटाने में मदद करेगा बल्कि कोल सेक्टर में पारदर्शिता और निवेश अवसरों को भी बढ़ावा देगा।
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